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NNIJAS-2026-9989 Education Volume - 2 - Issue 1

माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत् विद्यार्थियों की वैज्ञानिक, तार्किक, सामाजिक एवं सांवेगिक क्षमताओं का जैविक कारकों के संदर्भ में अध्ययन

अनीता सिंह | Co-Authors: डॉ. भारती डोगरा

Abstract

प्रस्तुत शोध अध्ययन माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत् विद्यार्थियों की वैज्ञानिक, तार्किक, सामाजिक एवं सांवेगिक क्षमताओं का जैविक कारकों के संदर्भ में अध्ययन करने पर आधारित है। माध्यमिक शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है क्योंकि इसी अवस्था में बालक बाल्यावस्था से किशोरावस्था की ओर अग्रसर होता है तथा उसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास में तीव्र परिवर्तन होते हैं। वर्तमान वैज्ञानिक एवं तकनीकी युग में केवल शैक्षिक उपलब्धि को ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, सामाजिक समायोजन एवं सांवेगिक संतुलन जैसी क्षमताओं का विकास भी आवश्यक माना जाता है। इसी उद्देश्य से प्रस्तुत अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया कि जैविक कारक विद्यार्थियों की विभिन्न क्षमताओं को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिक क्षमता को तथ्यपरक सोच एवं विश्लेषणात्मक  दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता को समस्या समाधान एवं निर्णय क्षमता, सामाजिक क्षमता को सामाजिक समायोजन एवं सहभागिता तथा सांवेगिक क्षमता को भावनात्मक संतुलन एवं आत्म-नियंत्रण से संबंधित माना गया है। अध्ययन में जैविक कारकों के अंतर्गत आनुवंशिकता, आयु, लिंग, स्वास्थ्य, पोषण, हार्मोनल परिवर्तन, तंत्रिका तंत्र एवं मस्तिष्कीय विकास आदि को सम्मिलित किया गया है, जो विद्यार्थियों के व्यवहार एवं क्षमताओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। प्रस्तुत शोध में रुहेलखण्ड क्षेत्र के चार जनपदों बरेली, रामपुर, मुरादाबाद एवं अमरोहा के माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया तथा कक्षा 10 के 800 छात्र-छात्राओं को यादृच्छिक न्यादर्श विधि द्वारा चुना गया। आंकड़ों के संकलन हेतु प्रश्नावली एवं विभिन्न मानकीकृत मापनियों का प्रयोग किया गया।    अध्ययन का मुख्य उद्देश्य छात्र एवं छात्राओं की वैज्ञानिक, तार्किक, सामाजिक एवं सांवेगिक क्षमताओं का लैंगिक आधार पर तुलनात्मक अध्ययन करना था। प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से यह ज्ञात हुआ कि छात्र एवं छात्राओं की वैज्ञानिक, तार्किक, सामाजिक एवं सांवेगिक क्षमताओं में सार्थक अंतर पाया गया। वैज्ञानिक, तार्किक एवं सामाजिक क्षमताओं में छात्रों का मध्यमान छात्राओं की अपेक्षा अधिक पाया गया, जबकि सांवेगिक क्षमता में छात्राओं का मध्यमान अधिक था। टी-परीक्षण द्वारा प्राप्त सभी टी-मान 0.05 एवं 0.01 दोनों स्तरों पर सार्थक पाए गए, जिसके आधार पर शून्य परिकल्पना को निरस्त कर दिया गया। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला कि जैविक कारक विद्यार्थियों की वैज्ञानिक, तार्किक, सामाजिक एवं सांवेगिक क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि किशोरावस्था में होने वाले जैविक एवं हार्मोनल परिवर्तन विद्यार्थियों के व्यवहार, चिंतन एवं भावनात्मक संतुलन पर प्रभाव डालते हैं।       

Keywords
मुख्यशब्द - माध्यमिक स्तर विद्यार्थी वैज्ञानिक क्षमता तार्किक क्षमता सामाजिक क्षमता एवं सांवेगिक क्षमता एवं जैविक कारक
Article Information
Primary Author अनीता सिंह
Affiliation शिक्षक-शिक्षा विभाग बरेली कालेज, बरेली, महात्मा ज्योतिबाफुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली।
DOI https://doi.org/10.5281/zenodo.20526846
Page Numbers 8-19
Publication Date 30 Mar 2026
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