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NNIJAS-2026-4012 Other Volume - 2 - Issue 2

कृषि नवाचारों का ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामों का एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

राकेश कुमार | Co-Authors: डाॅ. ममता रानी

Abstract

प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चयनित ग्रामों में कृषि नवाचारों का ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक संरचना पर पड़ने वाले प्रभावों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। कृषि नवाचार जैसे उन्नत बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक, उर्वरक, कृषि यंत्रीकरण तथा सूचना एवं संचार आधारित  कृषि सेवाएँ ग्रामीण समाज में उत्पादन प्रणाली के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को भी प्रभावित करती हैं। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध डिजाइन को अपनाते हुए प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया। प्राथमिक आँकड़े संरचित साक्षात्कार अनुसूची के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चयनित ग्रामों के किसानों एवं ग्रामीण परिवारों से संकलित किए गए। अध्ययन के निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि कृषि नवाचारों के अपनाने से अधिकांश उत्तरदाताओं की कृषि आय, उत्पादकता और जीवन-स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और उपभोग सुविधाओं तक पहुँच बढ़ी है। इसके साथ ही कृषि नवाचारों ने ग्रामीण समाज की पारंपरिक सामाजिक संरचना, पारिवारिक निर्णय-प्रक्रिया और श्रम संबंधों में भी परिवर्तन उत्पन्न किया है। हालांकि, कृषि यंत्रीकरण के कारण श्रम की मांग में कमी और सीमांत किसानों की सीमित भागीदारी जैसी चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आई हैं। अतः अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि कृषि नवाचार ग्रामीण विकास के लिए अनिवार्य हैं, किंतु इनके संतुलित एवं समावेशी क्रियान्वयन के बिना सामाजिक समानता सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

Keywords
कृषि नवाचार ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक संरचना कृषि यंत्रीकरण जीवन-स्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश
Article Information
Primary Author राकेश कुमार
Affiliation समाजशास्त्र विभाग, के.जी.के. (पी.जी) कालेज मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश महात्मा ज्योतिबा फूले वि.वि.बरेली
DOI https://doi.org/10.5281/zenodo.21807550
Page Numbers 47-54
Publication Date 15 Aug 2026
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